वाराणसी।|सर्वेश पाण्डेय की रिपोर्ट| जिले के चेतगंज थानाक्षेत्र के बागबरियार सिंह मोहल्ले में बुधवार को पति-पत्नी के शव घर में बिस्तर पर पड़े मिले हैं। शव से दुर्गंध आ रही थी। लिहाजा, दंपती के तीन से चार दिन पहले मौत की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना के बाद डीसीपी काशी आरएस गौतम और चेतगंज पुलिस ने जांच की। जिस कमरे में शव मिले हैं, उससे फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मौत की असली वजह जानने के लिए चेतगंज पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम कराने भेजा है। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम होगा।
बागबरियार सिंह मोहल्ले में प्रमोद श्रीवास्तव (65) और उनकी पत्नी पूनम श्रीवास्तव (60) घर में अकेले रहते थे। दंपती की कोई संतान नहीं थी। निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़े प्रमोद श्रीवास्तव कुछ साल से कामकाज छोड़ चुके थे। किसी तरह पति-पत्नी की जीविका चलती थी। जानकारी के मुताबिक, घर में अकेले रहने वाले दंपती का आसपास के लोगों से मिलना-जुलना नहीं था। मैदागिन में रहने वाले साढ़ू प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव कभी-कभार घर आते-जाते थे। वह अक्सर फोन पर प्रमोद का कुशलक्षेम पूछते थे, लेकिन कुछ दिनों से बात नहीं हो सकी थी। दंपती का फोन भी नहीं उठ रहा था। इसी वजह से प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव बुधवार की सुबह बागरियार सिंह मोहल्ला पहुंच गए। उन्होंने मृतक के घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। घर के अंदर से दुर्गंध आ रही थी।
इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। चेतगंज थाना प्रभारी राजेश सिंह पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर आए और दरवाजा तोड़कर घर में दाखिल हो गए। पुलिस के मुताबिक, दंपती के शव एक कमरे में बिस्तर पर पड़े थे। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि कुछ दिन पहले ही मौत हो चुकी थी। शरीर की हड्डियां तक दिखने लगी थीं। डीसीपी काशी आरएस गौतम ने कहा कि फॉरेंसिक टीम ने कमरे की छानबीन की और साक्ष्य जुटाए हैं। दंपती अक्सर बीमार रहते थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।

